हरिवंशराय बच्चन ने अपनी कविताओ में कुछ बहुत ही सूंदर लाइनें लिखी थी.

हारना तब आवश्यक हो जाता है
जब लड़ाई "अपनों" से हो !
और
जीतना तब आवश्यक हो जाता है
जब लड़ाई "अपने आप " से हो ! !


मंजिले मिले , ये तो मुकद्दर की बात है
हम कोशिश ही न करे ये तो गलत बात है



कीसी ने बर्फ से पुछा की,
आप इतने ठंडे क्युं हो ?
बर्फ ने बडा अच्छा जवाब दिया :-
" मेरा अतीत भी पानी;
मेरा भविष्य भी पानी..."
फिर गरमी किस बात पे रखु ??

दिल को छु लेने वाली ये कहानी जरुर पढे.....

बाहर बारिश हो रही थी और अन्दर क्लास चल रही थी ,
तभी टीचर ने बच्चों से पूछा कि अगर तुम सभी को 100-100
रुपये दिए जाए तो तुम सब क्या क्या खरीदोगे ?
किसी ने कहा कि मैं वीडियो गेम खरीदुंगा,
किसी ने कहा मैं क्रिकेट का बेट खरीदुंगा ,
किसी ने कहा कि मैं अपने लिए प्यारी सी गुड़िया
खरीदुंगी,
तो किसी ने कहा मैं बहुत सी चॉकलेट्स खरीदुंगी |
एक बच्चा कुछ सोचने में डुबा हुआ था, टीचर ने उससे पुछा
कि तुम क्या सोच रहे हो ? तुम क्या खरीदोगे ?
बच्चा बोला कि टीचर जी, मेरी माँ को थोड़ा कम
दिखाई देता है तो मैं अपनी माँ के लिए एक चश्मा
खरीदूंगा ‌।
टीचर ने पूछाः तुम्हारी माँ के लिए चश्मा तो तुम्हारे
पापा भी खरीद सकते है, तुम्हें अपने लिए कुछ नहीं
खरीदना ?
बच्चे ने जो जवाब दिया उससे टीचर का भी गला भर आया
|
बच्चे ने कहा कि मेरे पापा अब इस दुनिया में नहीं है | मेरी
माँ लोगों के कपड़े सिलकर मुझे पढ़ाती है और कम दिखाई
देने की वजह से वो ठीक से कपड़े नहीं सिल पाती है
इसीलिए मैं मेरी माँ को चश्मा देना चाहता हुँ ताकि मैं
अच्छे से पढ़ सकूँ, बड़ा आदमी बन सकूँ और माँ को सारे सुख दे
सकूँ.
दो शब्द इस बच्चे के लिए जरुर लिखे.....

Give me a place in the backyard of your heart

Hey beautiful;
My new flame that illuminate my dark soul
The beam that once brought hope in my living
The one whose voice woke me up at every dawn
Give me a place in the backyard of your heart
Before I fade into the darkness that awaits
Give my life a beautiful ending
That the purloiner is warming to snatch
Give me a place in the backyard of your heart

When I was young, I had plenty of options
I had choices to choose my heart's desire
My life as a whole was my pigeon; my play tool
But now, age has caught up with me
Time has started to pull alien tricks
And for life feels like a grain of wool blown away
Like Sisyphus; is the life I lead
As all the things I hoped to stay on
Have been blown away leaving me in a black out
Like the vikings; I howl at my own shade


Battering torrents of shame
Have swab my pride and fame
The once bloated and inflated ego; is deflated
On me; things have tumbled
And all the things I trusted in have emaciated
O' good soul; my good soul
Give me a place to rest my troubled soul
Give me a place in the backyard of your heart


Be the poetess whose scribbled words;
Will inspire my dead soul
And uplift my spirit from the abyss I am in
Give me a place in the backyard of your heart
Save my inner man from wasting all these tears
On the could've beens of my life
Speak to me, and let me hear your sweet words again
Let me have a taste of your lips
Warm my worn out heart from the stinging colds
Give me a place in the backyard of your heart
Allow me to ogle at your fine shape once more
With a place in the backyard
Of your heart

Give me a place
Be it an inch, foot or a pace
Provided it's in your backyard
I'll care less
Give me a place in your heart and soul
Save my soul the crimson flames of Sheol


Give me a portion in the backyard of your heart
I would've asked for a place in the courtyard of your
heart
But I've wronged and fallen short of that glory


Forget my wrongs
And hand me a space in the backyard of your heart.

What is love?

What is love?

Love is the most beautiful and passionate emotion......

When you are in love, the whole universe will seems beautiful.....

You feel as if your life has found meaning......
When you are in love, the world seems full of life.....
When you are in love, you laugh without any reason...... When you are
in love, you do not feel lonely anymore...... When you are in love,
even boring life seems colorful and interesting.....
When you are in love, you feel as if you have got wings and you'd want
to fly with your beloved.
When you are in love, you want to spend each and every moment of your
life with your love......

So feel this wonderful emotion in your life. And make each passing day
of your relationship special.....
Love can be happen anywhere, it can be love at first sight.......
It can happen during your college days. It can happen in one encounter
also..... So enjoy you all, Being in love.........


So spread as much love as you can.

उस बेचारे को अब व्यर्थ ही और तकलीफ देनी उचित नहीं है!

एक कारागृह में फांसी की सजा हुए किसी बंदी का आगमन हुआ था! शीघ्र ही उसकी
प्रभु-भक्ति से सारा बंदीगृह गूंज- उठा था! भोर के पूर्व ही उसकी पूजा और
प्रार्थना प्रारंभ हो जाती थी! प्रभु के प्रति उसका प्रेम असीम था!
प्रार्थना के साथ ही साथ उसकी आंखों से आंसुओं की अविरल धारा बहती रहती
थी! प्रभु-प्रेम से उपजे विरह की हार्दिकता तो उसके गीतों के शब्द- शब्द
में थी! वह भगवान का भक्त था और बंदीजन उसके भक्त हो गए थे! कारागृह-
अधिपति और अन्य अधिकारी भी उसका समादर करने लगे थे! उसके प्रभु-स्मरण का
क्रम तो करीब-करीब अहर्निश ही चलता था! उठते-बैठते-चलते भी उसके ओंठ राम
का नाम लेते रहते थे! हाथ में माला के गुरिए घूमते रहते थे! उसकी चादर पर
भी राम ही राम लिखा हुआ था! कारागृह-अधिपति जब भी निरिक्षण को आते थे, तभी
उसे साधना में लीन पाते थे! लेकिन एक दिन जब वे आए तो उन्होंने पाया कि
काफी दिन चढ़ आया है और वह बंदी निशचिंत सोया हुआ है! उसकी राम- नाम की
चादर और माला भी उपेक्षित-सी एक कोने में पड़ी है!

अधिपति ने सोचा शायद स्वास्थ्य ठीक नहीं है! किंतु अन्य बंदियों से पूछने
पर ज्ञात हुआ कि स्वास्थ्य तो ठीक है, लेकिन प्रभु-स्मरण कल संध्या से ही
न मालूम क्यों बंद है! अधिपति ने कैदी को उठाया और पूछा: "देर हुई,
ब्रह्ममुहूर्त निकल गया है! क्या आज भोर की पूजा प्रार्थना नहीं करनी है?"


वह बंदी बोला: "पूजा-प्रार्थना? अब कैसी पूजा और कैसी प्रार्थना? घर से कल
ही पत्र मिला है कि फांसी की सजा सात वर्ष के कारावास में परिणत हो गई है!
भगवान से जो काम कराना चाहता था, वह पूरा हो गया है! उस बेचारे को अब
व्यर्थ ही और तकलीफ देनी उचित नहीं है!"