is a muscle building and fat loss website for athletes, trainers and fitness enthusiasts. It offers diet plans, fat loss tips, exercise routines, muscle building guideline and more.


Following are the some benifits of Look Sexy :-

  • We are wll known weight loss experts.
  • Short and sweet medically approved Diet Plans.
  • Any time Free support via Facebook Page.
// // Leave a Comment

Tips to Prepare for High Wind Storm and Heavy Rain

1,Charge up your mobile devices (tablets, laptop, smartphone or
cellphone) now. If you have a car charger, you can get juice from your
car.

2.Have an emergency outage kit. It should include a flashlight, battery
operated radio, extra batteries, non-perishable foods, bottled water
and blankets.

3.Never use kerosene or propane heaters inside without proper
ventilation.

4.Don't use charcoal in your house or garage.


5.Check on your neighbors, especially those who may need special
assistance.


6.Don't forget the needs of your pets.

7. Never spread any rumers.

Ongoing updates during large power outages in surat are available here:
http://facebook.com/suratfloodinformation

http://facebook.com/visitsurat

http://facebook.com/suratsamachar
Read More
// // Leave a Comment

भाग्य से ज्यादा और समय से पहले, न किसी को मिला है और न मिलेगा......

भाग्य से ज्यादा और समय से पहले, न किसी को मिला है
और न मिलेगा......
एक सेठ जी थे जिनके पास काफी दौलत थी और सेठ जी ने
उस धन से निर्धनों की सहायता की, अनाथ आश्रम एवं
धर्मशाला आदि बनवाये।
इस दानशीलता के कारण सेठ जी की नगर में काफी
ख्याति थी।
सेठ जी ने अपनी बेटी की शादी एक बड़े घर में की थी परन्तु
बेटी के भाग्य में सुख न होने के कारण उसका पति जुआरी,
शराबी, सट्टेबाज निकल गया जिससे सब धन समाप्त हो
गया।
बेटी की यह हालत देखकर सेठानी जी रोज सेठ जी से
कहती कि आप दुनिया की मदद करते हो मगर अपनी बेटी
परेशानी में होते हुए उसकी मदद क्यों नहीं करते हो।
सेठ जी कहते कि भाग्यवान जब तक बेटी- दामाद का
भाग्य उदय नहीं होगा तब तक मैं उनकी कीतनी भी मदद
भी करूं तो भी कोई फायदा नहीं।
जब उनका भाग्य उदय होगा तो अपने आप सब मदद करने को
तैयार हो जायेंगे।
परन्तु मां तो मां होती है, बेटी परेशानी में हो तो मां को
कैसे चैन आयेगा।
इसी सोच-विचार में सेठानी रहती थी कि किस तरह बेटी
की आर्थिक मदद करूं।
एक दिन सेठ जी घर से बाहर गये थे कि तभी उनका दामाद
घर आ गया।
सास ने दामाद का आदर-सत्कार किया और बेटी की मदद
करने का विचार उसके मन में आया कि क्यों न मोतीचूर के
लड्डूओं में अर्शफिया रख दी जाये जिससे बेटी की मदद भी
हो जायेगी और दामाद को पता भी नही चलेगा।
यह सोचकर सास ने लड्डूओ के बीच में अर्शफिया दबा कर
रख दी और दामाद को टीका लगा कर विदा करते समय
पांच किलों शुद्ध देशी घी के लड्डू जिनमे अर्शफिया थी
वह दामाद को दिये।
दामाद लड्डू लेकर घर से चला।
दामाद ने सोचा कि इतना वजन कौन लेकर जाये क्यों न
यहीं मिठाई की दुकान पर बेच दिये जायें।
और दामाद ने वह लड्डुयों का पैकेट मिठाई वाले को बेच
दिया और पैसे जेब में डालकर चला गया।
उधर सेठ जी बाहर से आये तो उन्होंने सोचा घर के लिये
मिठाई की दुकान से मोतीचूर के लड्डू लेता चलू और सेठ जी
ने दुकानदार से लड्डू मांगे मिठाई वाले ने वही लड्डू का
पैकेट सेठ जी को वापिस बेच दिया जो उनके दामाद को
उसकी सास ने दिया थे।
सेठ जी लड्डू लेकर घर आये सेठानी ने जब लड्डूओ
का वही पैकेट देखा तो सेठानी ने लड्डू फोडकर देखे
अर्शफिया देख कर अपना माथा पीट लिया।
सेठानी ने सेठ जी को दामाद के आने से लेकर जाने तक और
लड्डुओं में अर्शफिया छिपाने की बात सेठ जी से कह
डाली।
सेठ जी बोले कि भाग्यवान मैंनें पहले ही समझाया था कि
अभी उनका भाग्य नहीं जागा।
देखा मोहरें ना तो दामाद के भाग्य में थी और न ही
मिठाई वाले के भाग्य में।
इसलिये कहते हैं कि भाग्य से ज्यादा और समय से पहले न
किसी को कुछ मिला है और न मिलेगा।
दोस्तों इस पोस्ट को जरूर शेयर करे ....
Read More
// // Leave a Comment

मुझे भी कभी अपने इस शरीर पर बहुत गुमान होता था ।

एक व्यक्ति जिसका सारा शरीर कोढ़ ग्रस्त था ,सड़क
किनारे बैठ कर भीख मांग कर पेट भरता था ।
एक दिन एक युवक उसके पास रुका और पुछा ," भाई , मैं तुम्हे
कई दिनों से देख रहा हूँ , शायद कई बरसों से , तुम्हे
ज़िन्दगी जीना कैसा लगता है ?
तुम्हे कैसा महसूस होता है जब कोई तुम्हारे पास आता नही
और लोग दूर ही रहते हैं तुमसे ?
"कोढ़ग्रस्त व्यक्ति ने उत्तर दिया " मैं भी कई बार यही
सोचता हूँ , पर जीवन जीना मेरे बस की बात नही है ।
मुझे लगता है कि प्रभु चाहता है कि लोग मुझे देखें , चाहे
नफरत से ही सही , ताकि उन्हें भी महसूस हो कि मैं भी
कभी उन्ही की तरह होता था । और वे भी कभी मेरी तरह
ही हो सकते हैं ।"
उसने आगे कहा , " मुझे भी कभी अपने इस शरीर पर बहुत
गुमान होता था । "
Read More
// // Leave a Comment

हरिवंशराय बच्चन ने अपनी कविताओ में कुछ बहुत ही सूंदर लाइनें लिखी थी.

हारना तब आवश्यक हो जाता है
जब लड़ाई "अपनों" से हो !
और
जीतना तब आवश्यक हो जाता है
जब लड़ाई "अपने आप " से हो ! !


मंजिले मिले , ये तो मुकद्दर की बात है
हम कोशिश ही न करे ये तो गलत बात है



कीसी ने बर्फ से पुछा की,
आप इतने ठंडे क्युं हो ?
बर्फ ने बडा अच्छा जवाब दिया :-
" मेरा अतीत भी पानी;
मेरा भविष्य भी पानी..."
फिर गरमी किस बात पे रखु ??
Read More
// // Leave a Comment

दिल को छु लेने वाली ये कहानी जरुर पढे.....

बाहर बारिश हो रही थी और अन्दर क्लास चल रही थी ,
तभी टीचर ने बच्चों से पूछा कि अगर तुम सभी को 100-100
रुपये दिए जाए तो तुम सब क्या क्या खरीदोगे ?
किसी ने कहा कि मैं वीडियो गेम खरीदुंगा,
किसी ने कहा मैं क्रिकेट का बेट खरीदुंगा ,
किसी ने कहा कि मैं अपने लिए प्यारी सी गुड़िया
खरीदुंगी,
तो किसी ने कहा मैं बहुत सी चॉकलेट्स खरीदुंगी |
एक बच्चा कुछ सोचने में डुबा हुआ था, टीचर ने उससे पुछा
कि तुम क्या सोच रहे हो ? तुम क्या खरीदोगे ?
बच्चा बोला कि टीचर जी, मेरी माँ को थोड़ा कम
दिखाई देता है तो मैं अपनी माँ के लिए एक चश्मा
खरीदूंगा ‌।
टीचर ने पूछाः तुम्हारी माँ के लिए चश्मा तो तुम्हारे
पापा भी खरीद सकते है, तुम्हें अपने लिए कुछ नहीं
खरीदना ?
बच्चे ने जो जवाब दिया उससे टीचर का भी गला भर आया
|
बच्चे ने कहा कि मेरे पापा अब इस दुनिया में नहीं है | मेरी
माँ लोगों के कपड़े सिलकर मुझे पढ़ाती है और कम दिखाई
देने की वजह से वो ठीक से कपड़े नहीं सिल पाती है
इसीलिए मैं मेरी माँ को चश्मा देना चाहता हुँ ताकि मैं
अच्छे से पढ़ सकूँ, बड़ा आदमी बन सकूँ और माँ को सारे सुख दे
सकूँ.
दो शब्द इस बच्चे के लिए जरुर लिखे.....
Read More